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15 जून, 2025

वैवाहिक सम्बन्धों मे मधुरता के लिए : दो मुखी रुद्राक्ष

 वैवाहिक सम्बन्धों मे मधुरता के लिए :  दो मुखी रुद्राक्ष



विवाहित जीवन मे अगर पति पत्नी मे सामंजस्य का अभाव हो तो वैवाहिक जीवन नरक बन जाता है और फिर तलाक से लेकर अत्महत्या तक एक से बढ़कर एक कांड होते हैं । 

मूल रूप से विवाह का आधार सुखद आपसी संबंध होते हैं जिनके अभाव मे धीरे धीरे वैवाहिक जीवन मे दिक्कत आती है । ऐसे मे दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अनुकूलता मिल सकती है ।  

दो मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव और माता पार्वती के एकीकृत स्वरूप "अर्धनारीश्वर" का प्रतीक माना जाता है। द्विमुखी रुद्राक्ष शिव और शक्ति की सम्मिलित ऊर्जा को दर्शाता है और इसे एकता, सद्भाव और संबंधों में मधुरता का कारक माना गया है।

दो मुखी रुद्राक्ष का शासक ग्रह चंद्रमा को माना जाता है जो मन का नियंत्रक होता है । सम्बन्धों मे मधुरता मन के मिलने से ही आती है । 



दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने के कई लाभ हैं । 


वैवाहिक संबंध मे लाभ :-  

द्विमुखी रुद्राक्ष पति-पत्नी के संबंधों में प्रेम, विश्वास और सामंजस्य को बढ़ावा देता है।

जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो या जो एक उत्तम जीवनसाथी की तलाश में हैं, उनके लिए द्विमुखी रुद्राक्ष बहुत लाभकारी माना जाता है।

द्विमुखी रुद्राक्ष परिवार में, पार्टनरशिप मे व्यापार करने वाले साझेदारों के बीच और अन्य सामाजिक संबंधों में अनुकूलता स्थापित करने में मदद करता है।


मानसिक और भावनात्मक लाभ :- 

द्विमुखी रुद्राक्ष का संबंध चंद्रमा से होने के कारण यह मन को स्थिरता प्रदान करता है। यह चिंता, तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है।

द्विमुखी रुद्राक्ष भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और निर्णय लेने की क्षमता को सुधारता है।

द्विमुखी रुद्राक्ष पहनने वाले के मन से नकारात्मक विचारों को दूर कर शांति प्रदान करता है।


आध्यात्मिक लाभ :- 

द्विमुखी रुद्राक्ष गुरु-शिष्य के संबंध को भी मजबूत करता है। जिससे शिष्य को गुरुकृपा मिलती है ।  

द्विमुखी रुद्राक्ष शिव और शक्ति दोनों की कृपा प्रदान करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।


स्वास्थ्य संबंधी मान्यताएं:-

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, द्विमुखी रुद्राक्ष मोटापा, हृदय रोग, और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों में राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।


किनके लिए दो मुखी रुद्राक्ष विशेष रूप से लाभकारी होगा :- 


ऐसे दम्पति जो अपने वैवाहिक जीवन में सामंजस्य चाहते हैं।

वे लोग जिन्हें अपने लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश है।

जो व्यक्ति अत्यधिक मानसिक तनाव, चिंता या अस्थिरता से गुजर रहे हैं।

व्यापारी और ऐसे लोग जो पार्टनरशिप में काम करते हैं।

ऐसे व्यक्ति जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो, उनके लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है।


धारण करने की सरल विधि :- 

पहले रुद्राक्ष को सोमवार के दिन सुबह गंगाजल या कच्चे दूध मे डूबाकर छोड़ देंगे । 

इसके बाद पूजा स्थान पर रखकर महादेव शिव और जगदंबा पार्वती का सुंदर मुसकुराते हुये स्वरूप मे ध्यान करें।

"ॐ सांब सदाशिवाय नमः" 

इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। ज्यादा कर सकते हैं तो ज्यादा भी कर सकते हैं । 

मंत्र जाप के बाद रुद्राक्ष को उसी बर्तन मे 24 मिनट तक डूबा रहने दें । फिर उसे साफ जल से धोकर साफ कपड़े से पोछ लें । 

उसके बाद धागे में या चेन में अपने गले में धारण करें। 

सोमवार का दिन द्विमुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

इसके बाद नित्य इस रुद्राक्ष को बाएँ हाथ मे पकड़ कर,पति या पत्नी के प्रसन्न अवस्था मे होने जैसा मन मे ध्यान करके, नित्य 11,21,51,108 बार "ॐ सांब सदाशिवाय नमः" मंत्र का जाप करते रहेंगे तो ज्यादा अनुकूलता मिलेगी ।  


धारण करने के नियम :-

मेरी बुद्धि के अनुसार भगवान शिव किसी बंधन मे नहीं हैं तो उनका अंश रुद्राक्ष धारण करने के लिए भी किसी नियम की आवश्यकता नहीं है । 

इसे कोई भी पहन सकता है, जिसे भगवान शिव और जगदंबा पर पूर्ण विश्वास हो । 

शुद्धि अशुद्धि के विषय मे बेवजह चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है । 

शुद्धि अशुद्धि के विषय मे अगर आपको बहुत चिंता हो तो गंगा जल या शुद्ध जल से भरी कटोरी मे रुद्राक्ष रखकर 108 बार उपरोक्त मंत्र पढ़ लेंगे तो शुद्ध हो जाएगा फिर उसे पहन सकते हैं । 


विशेष :-

किसी प्रकार का संकट आने या कोई तंत्र प्रयोग या नकारात्मक शक्ति के आपसे टकराने की स्थिति मे रुद्राक्ष फट जाता है और आपकी रक्षा करता है । ऐसी स्थिति मे रुद्राक्ष को जल मे विसर्जित कर देंगे और यथाशीघ्र नया रुद्राक्ष धारण कर लेंगे । 


यदि आप चाहें तो आपको द्विमुखी रुद्राक्ष अभिमंत्रित करके हमारे संस्थान "अष्टलक्ष्मी पूजा सामग्री" द्वारा भेजा जा सकता है । 

इसका शुल्क मात्र 551=00 (रूपए पाँच सौ इंक्यावन मात्र ) होगा । इसमे पूजा,पेकेजिंग और पोस्टेज का खर्च शामिल है । जिसका भुगतान आप नीचे दिये QR कोड़ के माध्यम से कर सकते हैं । 



रुद्राक्ष को अभिमंत्रित करने के लिए आपको निम्नलिखित जानकारी

मोबाइल नंबर 7000630499

पर व्हात्सप्प से भेजनी होगी :-

आपका नाम 

आपकी जन्मतिथि,स्थान,समय,गोत्र । [जो भी मालूम हो ] - इसके आधार पर रुद्राक्ष आपके नाम से अभिमंत्रित किया जाएगा । 

उपरोक्त जानकारी न हो तो एक लेटेस्ट फोटो, बिना चश्मे के । 

अपना पूरा डाक का पता, पिन कोड सहित । 

मोबाइल नंबर जिसपर आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमेन आपसे संपर्क कर सके ।

पार्सल इंडिया पोस्ट के द्वारा स्पीड पोस्ट से भेजा जाएगा । 

यदि आप अन्य कूरियर सर्विस से प्राप्त करना चाहते हैं तो डिलिवरी कौरियर सर्विस से भेजा जा सकता है । उसके लिए अतिरिक्त शुल्क 100 रुपए आपको भेजना पड़ेगा । यानि कुल 651 रुपए भेजना पड़ेगा ।   

15 दिसंबर, 2024

गृह बंधन पूजा किट !

गृह बंधन पूजा किट  !




प्राचीन काल से ही घर की रक्षा के लिया गृह बंधन किया जाता रहा है । इसमे घर के रक्षा के लिए स्थान देवता, वास्तु देवता और विविध दिशा के स्वामी देवताओं को पूजन करके उनसे रक्षा की प्रार्थना की जाती है । 

नव गृह निर्माण के समय की जाने वाली पूजा के बाद वर्ष मे एक बार इस प्रकार की गृह रक्षा पूजा करने की परंपरा रही है जिसके अनुसार हम घर मे नारियल लाल कपड़े मे बांध कर लटकाते हैं । 

समय का अभाव और पूजा करने वाले व्यक्तियों की अनुपलब्धता की वजह से और घर के सौन्दर्य पर ज्यादा ध्यान देने की वजह से यह परंपरा धीरे धीरे खतम हो रही है । जिसकी वजह से घरों मे नकारात्मक शक्तियां वास करने लग जाती हैं । इनसे बचाव के लिए ही नित्य पूजन और घर मे दीपक जलाए जाते हैं । 

रक्षा कारक देवताओं में भगवान भैरव को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है । इन्हें भगवान शिव का ही एक स्वरूप माना गया है । प्रत्येक पूजन में विघ्नों से रक्षा के लिए भगवान गणेश की पूजा के पश्चात सर्व विध रक्षा के लिए भगवान श्री भैरव का पूजन संपन्न किया जाता है । भैरव और अन्य रक्षा कारक देवताओं का पूजन करके गृह बंधन किट का निर्माण किया गया है । 

इस गृह बंधन किट मे भैरव यंत्र के अलावा रक्षा के लिए कुछ तांत्रिक सामग्रियों का संकलन किया गया है । जिसे आप अपने घर के प्रमुख दरवाजे पर लटका सकते हैं या पूजा स्थान मे रख सकते हैं । 

इसे घर के प्रमुख द्वार के ऊपर लटका दें और उसे अगरबत्ती दिखाते रहेंगे तो नकारात्मक शक्तियों का घर के अंदर प्रवेश नहीं हो पाता है । इससे घर की रक्षा भी होती रहती है । 

आपके नाम से गृहबंधन किट को अभिमंत्रित करके आपको स्पीड पोस्ट से भेजने की व्यवस्था की जा सकती है । 

यदि आप इच्छुक हो तो आप निम्नलिखित जानकारी मेरे व्हाट्सएप नंबर 7000630499 पर भेज देंगे  ➖

1> निर्धारित शुल्क ₹ 5100 रुपये का शुल्क फोन पे/गूगल पे//पे टी एम  के द्वारा भेजे जाने की रसीद/स्क्रीन शॉट ।

2> आपका नाम ।

3> आपका गोत्र, जन्म तिथि,समय,स्थान (यदि मालूम हो तो )

4> बिना चश्मे के आपकी एक ताजा फोटो जिसमे आपका चेहरा और आँखें स्पष्ट दिखती हों ।

5> पिन कोड़ सहित, आपका पूरा डाक का पता, जिस पते पर पार्सल भेजना है । साथ मे आपका वह मोबाइल नंबर जिस पर पोस्टमेन आवश्यकता पड़ने पर आपसे पार्सल डिलिवरी के समय संपर्क कर सके ।


23 अक्टूबर, 2024

रोग निवारक महाकाली मंत्रों से अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला

   

  


  

रोग निवारक महाकाली मंत्रों से अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला 
अगर आप चाहें तो आपके नाम से रोग निवारक काली मंत्र से अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला मात्र 1111 रुपये मे उपलब्ध है ।  
इसे आप एक महीने तक गले मे धारण करें और उसके बाद अपनी रोगमुक्ति की इच्छा बोलते हुये उस माला को नदी, तालाब, समुद्र मे प्रवाहित कर दें । 
अगर आप इस प्रकार की रुद्राक्ष माला प्राप्त करने के इच्छुक हैं तो  निम्नलिखित जानकारियाँ मुझे मेरे नंबर 7000630499 पर शुल्क की रसीद के साथ व्हाट्सप्प कर सकते हैं :-

नाम , 
जन्म तिथि, समय स्थान ,गोत्र (मालूम हो तो )  । 
अपनी एक ताजा फोटो । 
शुल्क फोन पे करने के बाद उसकी रसीद । 
अपना पूरा पोस्टल एड्रेस और मोबाइल नंबर । 

शुल्क पेमेंट के लिए किसी भी यूपीआई एप्प [जैसे फोन पे] पर इस क्यूआर कोड़ का प्रयोग कर सकते हैं ।